पीएफटीआई की पहल से शुरू हुआ राष्ट्रीय मिशन: एश्वर्स एडवोकेट्स और उद्योग पाठशाला के साथ मिलकर उद्योगों के लिए आईपी और डेटा सुरक्षा अभियान

पीएफटीआई की पहल से शुरू हुआ राष्ट्रीय मिशन: एश्वर्स एडवोकेट्स और उद्योग पाठशाला के साथ मिलकर उद्योगों के लिए आईपी और डेटा सुरक्षा अभियान



आत्मनिर्भर भारत, नवाचार और डेटा सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए, प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई), एश्वर्स एडवोकेट्स, चेन्नई और उद्योग पाठशाला ने मिलकर एक राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। यह पहल भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक (सीजीपीडीटीएम) तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल डेटा संरक्षण संबंधी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।


इस पहल के औपचारिक शुभारंभ के लिए डॉ. अंशुल धिंगरा, निदेशक — पीएफटीआई विशेष रूप से चेन्नई पहुंचे, जहां उन्होंने इस राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत करते हुए उद्योग जगत के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा भारत का एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत आधार है, जो लगभग 30% जीडीपी में योगदान देता है। इसके बावजूद, बौद्धिक संपदा और डेटा संरक्षण के प्रति जागरूकता अभी भी सीमित है, जिससे कई उद्योग अपने नवाचार और ब्रांड मूल्य को पर्याप्त रूप से सुरक्षित नहीं कर पाते। इसी अंतर को ध्यान में रखते हुए यह संयुक्त प्रयास शुरू किया गया है।


प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) इस पहल के माध्यम से उद्योगों को नीति-स्तर पर जोड़ने, प्रतिनिधित्व देने और उन्हें संगठित रूप से सशक्त बनाने का कार्य करेगा। वहीं एश्वर्स एडवोकेट्स, जो आईपी और डीपीडीपी कानून के क्षेत्र में अपनी मजबूत प्रतिष्ठा के लिए जाना जाता है, उद्योगों को उनके ब्रांड, नवाचार और डेटा की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक और संरचित मार्गदर्शन प्रदान करेगा। उद्योग पाठशाला इस पहल को जमीनी स्तर तक पहुंचाकर अधिक से अधिक उद्योगों को इससे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


पीएफटीआई के शीर्ष नेतृत्व—श्री दीपक मैनी (चेयरमैन), डॉ. एस. पी. अग्रवाल (वाइस चेयरमैन) एवं अधिवक्ता आर. एल. शर्मा (महानिदेशक)—ने संयुक्त रूप से कहा— “यह पहल उद्योगों के लिए समयानुकूल और दूरगामी प्रभाव वाली है। यह प्रयास केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उद्योगों को व्यावहारिक मार्गदर्शन और संरचित सहयोग प्रदान करेगा, जिससे एक सुरक्षित और सशक्त उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा। साथ ही, यह पीएफटीआई के दक्षिण भारत में विस्तार को भी नई गति देगा।”


श्री ईश्वर सभापति, संस्थापक - एश्वर्स एडवोकेट्स ने पीएफटीआई के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि “पीएफटीआई ने उद्योगों के लिए जो प्रभावशाली कार्य किया है, वह सराहनीय है। हम इस जागरूकता अभियान के साथ-साथ दक्षिण भारत में पीएफटीआई के विस्तार को समर्थन देने के लिए भी पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं, ताकि अधिक से अधिक उद्योग इस पहल का लाभ उठा सकें।”


वहीं श्री वीरेंद्र सिंह राठौर, संस्थापक - उद्योग पाठशाला ने अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा “यह पहल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उद्योगों को सही दिशा देने का एक संगठित प्रयास है। हम इसे देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेंगे, ताकि अधिक से अधिक उद्योग इससे लाभान्वित हो सकें।”


यह संयुक्त पहल देशभर में उद्योगों के लिए एक सशक्त और सुरक्षित भविष्य की नींव रखने के साथ-साथ भारत को नवाचार और डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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