नए श्रम कानूनों के तहत ईएसआई से श्रमिक और नियोक्ता दोनों को लाभ: सुनील यादव

 नए श्रम कानूनों के तहत ईएसआई से श्रमिक और नियोक्ता दोनों को लाभ: सुनील यादव



नए श्रम कानूनों के तहत सामाजिक सुरक्षा के दायरे में वृद्धि होगी: आर एल शर्मा

नए श्रम कानूनों के तहत कर्मचारी राज्य बीमा निगम  में किए गए महत्वपूर्ण बदलावों को प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता पर आज गुरुग्राम स्थित ईएसआईसी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

लेबर लॉ एडवाइजर्स एसोसिएशन, गुरुग्राम के अध्यक्ष एवं श्रम कानून सलाहकार एडवोकेट आर एल शर्मा  ने आज गुरुग्राम ईएसआईसी कार्यालय में प्रभारी निदेशक सुनील यादव से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच नए श्रम कानूनों के अंतर्गत ईएसआईसी प्रावधानों में किए गए संशोधनों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में विशेष रूप से वेतन की नई परिभाषा  पर विचार-विमर्श किया गया, जिसे नए श्रम संहिताओं के तहत संशोधित किया गया है। इस संशोधन का सीधा प्रभाव ईएसआईसी अंशदान  की गणना और कर्मचारियों के कवरेज पर पड़ेगा।


बैठक के दौरान सुनील यादव ने कहा कि

नए श्रम कानूनों के तहत ईएसआईसी में किए गए बदलाव कर्मचारियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों को लाभ मिलेगा। सभी नियोक्ताओं को चाहिए कि वे इन संशोधनों को समझें और समयबद्ध तरीके से लागू करें, ताकि अनुपालन सुनिश्चित हो सके और कर्मचारियों को इसका पूरा लाभ मिल सके। साथ ही, विभाग श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल कैंप एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर भी कार्य करेगा।

बैठक के दौरान ही एलएलएए के अध्यक्ष आर एल शर्मा ने कहा कि नए श्रम कानूनों के अंतर्गत वेतन की परिभाषा में किया गया संशोधन नियोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है। इससे ईएसआईसी अंशदान की गणना में पारदर्शिता आएगी, लेकिन साथ ही नियोक्ताओं को अपनी वेतन संरचना की समीक्षा भी करनी होगी। इन प्रावधानों के लागू होने से सामाजिक सुरक्षा के दायरे में वृद्धि होगी और अधिकाधिक श्रमिकों को इसका लाभ मिल सकेगा।


बैठक के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि श्रमिकों को ईएसआईसी का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इसके लिए गुरुग्राम एवं आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में ईएसआईसी द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए नियमित मेडिकल कैंप आयोजित किए जाएंगे।

साथ ही, ईएसआईसी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं में वृद्धि करने पर भी सहमति बनी, ताकि श्रमिकों को समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें।

इस अवसर पर आर एल शर्मा ने प्रभारी निदेशक के समक्ष यह मांग भी रखी कि जिन औद्योगिक क्षेत्रों में वर्तमान में ईएसआईसी की डिस्पेंसरी उपलब्ध नहीं है, वहां नई डिस्पेंसरी स्थापित की जाए, ताकि श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के समीप ही ईएसआईसी की सुविधाएं सुलभ हो सकें। इस अवसर पर बैठक में लेबर लॉ एडवाइजर एसोसिएशन के सदस्य जितेंद्र यादव एवं कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसी के साथ बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और भविष्य में भी इस प्रकार के संवाद बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई, ताकि उद्योग और कर्मचारियों के हितों के बीच संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।

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