भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में महिला जन सेवा समिति ने जताया रोष, निष्पक्ष जांच की मांग

 


गुरुग्राम, 26 जून। महिला जन सेवा समिति की सैकड़ों महिलाओं ने राजेंद्र पार्क क्षेत्र स्थित एक निजी स्थान पर बिहार के भोजपुर जिले के युवक भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके चित्र पर पुष्प चढ़ाए और दो मिनट का मौन धारण किया। कार्यक्रम में महिलाओं ने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

समिति की अध्यक्ष रूपा पटेल ने कहा कि 17 जून 2026 को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी को बिहार पुलिस द्वारा गोली मारे जाने और बाद में अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु होने से लोगों में आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो पुलिस द्वारा गोली चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

वक्ताओं ने कहा कि भरत तिवारी के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं था। उनका कहना था कि भरत तिवारी स्थानीय लोगों की समस्याओं को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का कार्य करते थे। कई बार शिकायत और मांग रखने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई। समिति की महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जाता था।



कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कोरोना काल में भी भरत तिवारी ने जरूरतमंद लोगों की मदद की थी और गरीब वर्ग की आवाज उठाई थी। महिला समाज ने पुलिस एनकाउंटर की निंदा करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ में अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 छात्र-छात्राओं को भी श्रद्धांजलि दी गई तथा उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।



कार्यक्रम में रूपा पटेल के अलावा पुष्पा, सीमा, राधा, बबीता, ज्योति, रानी, खुशबू, गंगा, पिंकी, डोली, संतोषी, राफिया, हिना, स्नेहा, माही, आयत, शिवानी, इशा, पंछी, रूपा कुमारी, सोनल, रश्मी, रूबी, रेनू, प्रमिला, माया, जुली देवी, अनन्या, कशीष, श्वेता, शोभा, किरन, गुड़िया, आयशा, दिव्या, कस्तूरी, साना प्रवीन, महक, इंदू, अमीशा, माधुरी देवी, ज्ञानती और सुमालती सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।

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