गुरुग्राम में बिल्डर लॉबी को लाभ पहुंचाने के लिए गरीबों को उजाड़ा जा रहा है: पंकज डावर
-कांग्रेस जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने सरकार और प्रशासन पर साधा निशानागुडग़ांव। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अवैध कब्जों के नाम पर हो रही तोडफ़ोड़ की कार्रवाई गरीब विरोधी है। इस कार्रवाई का सीधा मकसद बिल्डर लॉबी को फायदा पहुंचाना है। कुछ समय बाद इस तरह के परिणाम जनता के सामने आएंगें।
पंकज डावर ने कहा कि सरकार एक तरफ तो अवैध कालोनियां कटने से रोकने के दावे करती है, लेकिन यह काम खुलकर हो रहा है।
पंकज डावर ने कहा कि सरकार एक तरफ तो अवैध कालोनियां कटने से रोकने के दावे करती है, लेकिन यह काम खुलकर हो रहा है।
गुडग़ांव और फरीदाबाद समेत दक्षिण हरियाणा के कई जिलों में यह काम धड़ल्ले से हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने सरकार को रिपोर्ट दी है कि पिछले एक साल में दक्षिण हरियाणा के सात जिलों में 2600 अवैध कालोनियां बसाई गई। इनमें गुडग़ांव व फरीदाबाद अव्वल हैं। गुरुग्राम में 900 व फरीदाबाद में 1000 कालोनियां काटी गई हैं। अन्य जिलों में भी इस तरह से अनेक कालोनियां अवैध रूप से काटी गई हैं।स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने अपनी रिपोर्ट में सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। दक्षिण हरियाणा के सात जिलों में सरकार की किरकिरी हो रही है। कुछ रसूखदारों और नेताओं पर अवैध कालोनियां राजनीतिक संरक्षण में काटने, बसाने के आरोप लगे हैं।
पंकज डावर ने कहा कि अवैध निर्माण हटाने के नाम पर गरीबों को बेघर किया जा रहा है, जबकि बड़े लोगों के अवैध कामों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। गरीबों पर जोर चलता है। किसी मंत्री के कब्जे तोड़ो। बहुतों के अवैध काम चल रहे हैं। गरीबों को रास्ते से हटाने का सीधा सा मतलब है कि बिल्डर को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि तोडफ़ोड़ की कार्रवाई चुनिंदा है। गरीबों की झुग्गियां और छोटे मकान तोड़े जा रहे हैं, लेकिन बड़े बिल्डरों के अवैध प्रोजेक्ट पर कोई कार्रवाई नहीं होती। डावर ने मांग की कि अगर सरकार वाकई अवैध निर्माण के खिलाफ है तो पहले उन मंत्रियों और नेताओं के कब्जे हटाए जिनके अवैध निर्माण की शिकायतें हैं। उन्होंने कहा कि बुलडोजर न्याय नहीं है। पहले सिस्टम की जवाबदेही तय हो। इस तरह से पंकज डावर ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों और नेताओं को अपने नाम से भी नफरत है। कोई सिंघम, कोई टाइगर, कोई गब्बर कहलवाना पसंद करते हैं। अगर नाम से नफरत है तो अपने नाम बदल लो। साथ ही उन्होंने कहा कि रील से प्रसिद्धि पाने का कॉम्पिटिशन चल रहा है।
पंकज डावर ने कहा कि गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाना अधिकारियों ने अपना अधिकार समझ लिया है। उन्होंने मांग की कि अवैध निर्माण तोडऩे या सील करने से पहले उन अधिकारियों पर केस दर्ज हो जिन्होंने अवैध काम होने दिए। आज तक सरकार ने किसी अधिकारियों को सस्पेंड नहीं किया। किसी पर जुर्माना नहीं लगाया। किसी के खिलाफ एफआईआर नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री सिर्फ लिखित में आई कुछ शिकायतों की सुनवाई तक ही सीमित रहते हैं। शहर में क्या-क्या समस्याएं लोग झेल रहे हैं, उनको भी देखना चाहिए। कांग्रेस जिला शहरी अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा कि गुडग़ांव को नजर लग गई है, जिससे शहर का बुरा हाल हो गया है। उन्होंने कहा कि गुडग़ांव को कैमराजीवी अधिकारी नहीं, यहां जनता के हित के काम करने वाले अधिकारी चाहिए। जनता पर अत्याचार तो पहले से ही हो रहे हैं। जनता को राहत देने वाले चाहिए।
पंकज डावर ने कहा कि अवैध निर्माण हटाने के नाम पर गरीबों को बेघर किया जा रहा है, जबकि बड़े लोगों के अवैध कामों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। गरीबों पर जोर चलता है। किसी मंत्री के कब्जे तोड़ो। बहुतों के अवैध काम चल रहे हैं। गरीबों को रास्ते से हटाने का सीधा सा मतलब है कि बिल्डर को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि तोडफ़ोड़ की कार्रवाई चुनिंदा है। गरीबों की झुग्गियां और छोटे मकान तोड़े जा रहे हैं, लेकिन बड़े बिल्डरों के अवैध प्रोजेक्ट पर कोई कार्रवाई नहीं होती। डावर ने मांग की कि अगर सरकार वाकई अवैध निर्माण के खिलाफ है तो पहले उन मंत्रियों और नेताओं के कब्जे हटाए जिनके अवैध निर्माण की शिकायतें हैं। उन्होंने कहा कि बुलडोजर न्याय नहीं है। पहले सिस्टम की जवाबदेही तय हो। इस तरह से पंकज डावर ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों और नेताओं को अपने नाम से भी नफरत है। कोई सिंघम, कोई टाइगर, कोई गब्बर कहलवाना पसंद करते हैं। अगर नाम से नफरत है तो अपने नाम बदल लो। साथ ही उन्होंने कहा कि रील से प्रसिद्धि पाने का कॉम्पिटिशन चल रहा है।
पंकज डावर ने कहा कि गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाना अधिकारियों ने अपना अधिकार समझ लिया है। उन्होंने मांग की कि अवैध निर्माण तोडऩे या सील करने से पहले उन अधिकारियों पर केस दर्ज हो जिन्होंने अवैध काम होने दिए। आज तक सरकार ने किसी अधिकारियों को सस्पेंड नहीं किया। किसी पर जुर्माना नहीं लगाया। किसी के खिलाफ एफआईआर नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री सिर्फ लिखित में आई कुछ शिकायतों की सुनवाई तक ही सीमित रहते हैं। शहर में क्या-क्या समस्याएं लोग झेल रहे हैं, उनको भी देखना चाहिए। कांग्रेस जिला शहरी अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा कि गुडग़ांव को नजर लग गई है, जिससे शहर का बुरा हाल हो गया है। उन्होंने कहा कि गुडग़ांव को कैमराजीवी अधिकारी नहीं, यहां जनता के हित के काम करने वाले अधिकारी चाहिए। जनता पर अत्याचार तो पहले से ही हो रहे हैं। जनता को राहत देने वाले चाहिए।
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Pankaj dawar
