पुलिस पब्लिक प्रेस ने 'विकसित भारत 2047' के लिए नेतृत्व, संचार और नवाचार पर केंद्रित राष्ट्रीय मीडिया कॉन्क्लेव के साथ अपनी 20वीं वर्षगांठ मनाई
नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित 'द ललित' होटल में राष्ट्रीय मीडिया कॉन्क्लेव: विकसित भारत 2047 और 47 टाइकून नेशनल अवार्ड्स का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारत के विकास दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण में संचार की बदलती भूमिका पर चर्चा के लिए 300 से अधिक प्रतिनिधियों, मीडिया पेशेवरों, उद्योग के दिग्गजों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया।
पुलिस पब्लिक प्रेस द्वारा मुख्य संपादक पवन कुमार भूत के नेतृत्व में आयोजित इस कॉन्क्लेव ने संगठन की 20वीं वर्षगांठ को चिह्नित किया। यह कार्यक्रम 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण के तहत नेतृत्व, जिम्मेदार संचार, नवाचार और सहयोगात्मक प्रयासों पर केंद्रित था।
कॉन्क्लेव का एक प्रमुख आकर्षण अमेरिकन ईस्ट कोस्ट यूनिवर्सिटी द्वारा जनसंचार (मास कम्युनिकेशन), समाज सेवा, मीडिया और जनसंचार, रियल एस्टेट प्रबंधन, शैक्षिक प्रशासन और सड़क सुरक्षा यातायात प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों की 8 प्रतिष्ठित हस्तियों को मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान करना था।
मनोज कुमार शर्मा को उनकी व्यावसायिक उपलब्धियों, मानवता की सेवा और राष्ट्रीय विकास में योगदान को मान्यता देते हुए जनसंचार में मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 'द ललित' में आयोजित विशेष समारोह के दौरान दिया गया।
मनोज कुमार शर्मा ने कहा, "यह सम्मान केवल मेरे काम की पहचान नहीं है, बल्कि उस जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है जो संचार तंत्र का हिस्सा होने के साथ आती है। मेरा मानना है कि संचार लोगों को जोड़ सकता है, जागरूकता पैदा कर सकता है और राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान दे सकता है।"
कॉन्क्लेव में 47 टाइकून नेशनल अवार्ड्स भी शामिल थे, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों और योगदान के लिए व्यक्तियों व संगठनों को सम्मानित किया गया। उच्च स्तरीय पैनल चर्चाओं और नेटवर्किंग सत्रों ने प्रतिभागियों को मीडिया, शासन, नवाचार और 2047 की ओर भारत की विकास यात्रा पर अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान किया।
पुलिस पब्लिक प्रेस की 20 वर्षों की यात्रा पर विचार करते हुए, पुलिस पब्लिक प्रेस के मुख्य संपादक पवन कुमार भूत ने कहा, "राष्ट्रीय मीडिया कॉन्क्लेव जनहित मीडिया के प्रति हमारी दो दशकों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जैसे-जैसे भारत विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है, जिम्मेदार संचार, विश्वसनीय पत्रकारिता और रचनात्मक संवाद एक सूचित और प्रगतिशील समाज के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाते रहेंगे।"
इस अवसर पर पुलिस पब्लिक प्रेस की 20 साल की यात्रा और जनहित की पहलों को उजागर करने वाली एक विशेष स्मरणीय (कॉफी टेबल) पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
गोयल मेडिकोस के सीईओ और संस्थापक डॉ. बसंत गोयल ने कहा, "राष्ट्र निर्माण एक सामूहिक प्रयास है, और इस यात्रा में हर क्षेत्र की भूमिका है। राष्ट्रीय मीडिया कॉन्क्लेव जैसे मंच नेतृत्व, संचार, नवाचार और सामाजिक योगदान को विकसित भारत 2047 के एक साझा दृष्टिकोण के साथ एक साथ लाते हैं।"

