निगम का पहला सीएंडडी वेस्ट प्लांट बनेगा , सीएसआर के तहत होंडा करेगी निर्माण
- अगले चार महीने में बनकर तैयार हो जाएगा प्लांट
- 4 एकड़ भूमि पर बनने 300 टन प्रतिदिन क्षमता का प्लांट
- निगम क्षेत्र से रोजाना 50 टन सीएंडडी वेस्ट निकलता है
17 अगस्त, मानेसर।
नगर निगम मानेसर क्षेत्र को जल्द ही निर्माण एवं ध्वस्तीकरण(सीएंडडी) कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। निगम का पहला सीएंडडी वेस्ट प्लांट करीब चार महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। लगभग 4 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस आधुनिक प्लांट का निर्माण होंडा कंपनी अपनी काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी (सीएसआर) योजना के तहत 8 करोड़ रुपये की लागत से कराएगी। सोमवार को नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने होंडा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान आयुक्त प्रदीप सिंह ने कहा कि यह परियोजना नगर निगम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों से कहा कि निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि अगले साल के पहले महीने से प्लांट का संचालन शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ-साथ सभी तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। आयुक्त ने बताया कि प्लांट के निर्माण के बाद उसका रख-रखाव और संचालन नगर निगम की ओर से किया जाएगा। प्लांट में प्रोसेस होने वाले सीएंडडी वेस्ट से प्राप्त सामग्री का उपयोग निगम विभिन्न विकास कार्यों में करेगा। विशेष रूप से सड़क निर्माण, भवन निर्माण, इंटरलाॅकिंग कार्य में इसका इस्तेमाल किया जाएगा। इससे कार्यों की लागत में भी कमी आएगी।
नगर निगम संयुक्त आयुक्त पुनीत कुमार ने बताया कि निगम क्षेत्र से रोजाना 50 टन सीएंडडी वेस्ट निकलता है। वर्तमान में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाला मलबा कई बार खाली जगहों, सड़कों के किनारे या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डाल दिया जाता है, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण प्रदूषित होता है। नए प्लांट के शुरू होने के बाद इस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से एकत्रित और प्रोसेस किया जाएगा।
बैठक में होंडा कंपनी के प्रतिनिधियों ने आयुक्त को निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और भरोसा दिलाया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान एक्सईएन निजेश, होंडा के चीफ मैनेजर कमल सिंह, सीनियर एग्जीक्यूटिव संदीप यादव और दीपक मौजूद रहे।
