राखी के धागे में देशप्रेम: ‘तिरंगा गर्ल’ सृष्टि गुलाटी ने एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह को बांधी राखी
नई दिल्ली। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर फरीदाबाद की बाल समाजसेविका और ‘तिरंगा गर्ल’ सृष्टि गुलाटी ने दिल्ली स्थित एयर फोर्स स्टेशन में भारतीय वायुसेना के एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह जी से मुलाकात कर उन्हें स्नेह और सम्मान के साथ राखी बाँधी। यह मुलाकात भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ-साथ राष्ट्रप्रेम, भारतीय संस्कृति और वीर वायु योद्धाओं के प्रति सम्मान की भावनाओं से सराबोर रही।
तिरंगे की भावना को अपने साथ लेकर पहुँची सृष्टि ने इस विशेष अवसर पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह जी को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और भगवद्गीता भेंट की। तिरंगे के साथ भगवद्गीता भेंट करना अपने आप में एक खूबसूरत संदेश रहा—एक ओर राष्ट्र के प्रति गौरव और समर्पण, तो दूसरी ओर कर्तव्य, कर्म और संस्कारों की प्रेरणा।
सृष्टि ने बड़े ही आत्मीय भाव से उन्हें राखी बाँधी और देशभक्ति से ओत-प्रोत एक छोटी-सी कविता भी सुनाई। नन्ही बेटी के इस स्नेह और देशप्रेम ने रक्षाबंधन के इस अवसर को और भी खास बना दिया।
❤️ राखी के साथ तिरंगे का सम्मान
सृष्टि के लिए यह केवल राखी बाँधने का कार्यक्रम नहीं था। यह उस भावना की अभिव्यक्ति थी, जिसमें देश की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों को अपने परिवार का हिस्सा मानकर उनके प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।
जब सृष्टि ने राखी बाँधते हुए तिरंगा और भगवद्गीता भेंट की, तो पूरा अवसर रिश्ते, राष्ट्र और संस्कारों के सुंदर संगम जैसा नजर आया। भारतीय वायुसेना के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सृष्टि ने यह संदेश दिया कि देश की सुरक्षा के लिए समर्पित वीरों के प्रति हर भारतीय के दिल में विशेष स्थान है।
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह जी ने भी सृष्टि को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। यह आशीर्वाद सृष्टि के लिए एक अनमोल स्मृति बन गया।
🇮🇳 नन्ही बेटी, बड़ा संदेश
सृष्टि गुलाटी की यह पहल आज के बच्चों के लिए भी एक सुंदर संदेश है—अपनी संस्कृति से जुड़े रहना, राष्ट्रध्वज का सम्मान करना और देश की सेवा करने वाले वीरों के प्रति कृतज्ञ रहना।
रक्षाबंधन के इस विशेष अवसर पर राखी का पवित्र धागा, लहराता तिरंगा, भगवद्गीता और देशभक्ति की कविता—इन सभी ने मिलकर एक ऐसा भावुक और गौरवपूर्ण दृश्य बनाया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
एक छोटी-सी बेटी ने राखी के धागे में अपना प्यार बाँधा, तिरंगे में अपना देश देखा और भगवद्गीता में कर्तव्य का संदेश दिया। बदले में उसे मिला एक महान वायु योद्धा का स्नेह, आशीर्वाद और भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।
यही तो है रक्षाबंधन का नया और खूबसूरत रूप—जहाँ रिश्तों के साथ राष्ट्रप्रेम भी जुड़ता है।
“राखी का धागा रिश्ते जोड़ता है, तिरंगा देश से जोड़ता है और भगवद्गीता हमें अपने कर्तव्य की याद दिलाती है।”
