मणिपाल हॉस्पिटल गुरुग्राम में कॉम्प्लेक्स एंडोमेट्रियोसिस का इलाज रोबोटिक सर्जरी की मदद से हो रहा है

 मणिपाल हॉस्पिटल गुरुग्राम में कॉम्प्लेक्स एंडोमेट्रियोसिस का इलाज रोबोटिक सर्जरी की मदद से हो रहा है



हॉस्पिटल में 18 हफ्ते के गर्भ के आकार के बड़े सिस्ट से लेकर इन्फर्टिलिटी तक का सफल इलाज हो रहा है

डॉ. अमिता शाह भारत की पहली गायनेकोलॉजिस्ट बन गई हैं, जो 90 दिनों में 41 रोबोटिक गायनेकोलॉजिकल सर्जरी कर चुकी हैं


गुरुग्राम, : महिलाओं की हैल्थकेयर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मणिपाल हॉस्पिटल, गुरुग्राम ने एंडोमेट्रियोसिस के कॉम्प्लेक्स मामलों का इलाज एडवांस्ड लैपरोस्कोपिक और रोबोट-असिस्टेड तकनीकों की मदद से किया। ये सर्जरी *डॉ. अमिता शाह, चेयरमैन - ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, रोबोटिक लैपरोस्कोपी एवं एंडोस्कोपी सर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल, गुरुग्राम* के मार्गदर्शन में की गईं। इस उपलब्धि के साथ ही *डॉ. अमिता शाह भारत की पहली गायनेकोलॉजिस्ट बन गई हैं, जो 90 दिनों में 41 रोबोटिक गायनेकोलॉजिकल सर्जरी कर चुकी हैं* । दुनिया में लगभग 190 मिलियन महिलाएं एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित हैं और वो इसे माहवारी के दौरान होने वाला सामान्य दर्द मान लेती हैं। लेकिन यह उनके जीवन और फर्टिलिटी पर गहरा असर डालता है। लेकिन अब मिनिमली इन्वेजिव सर्जरी की मदद से इसका सटीक इलाज संभव है, जिसमें स्वस्थ पेल्विक टिश्यू और रिप्रोडक्टिव फंक्शन बिल्कुल सुरक्षित रहते हैं।


हॉस्पिटल में सामने आए तीन मामलों ने यह दिखाया कि एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं को अलग-अलग और जटिल तरीकों से प्रभावित कर सकता है—इन्फर्टिलिटी से लेकर बड़े सिस्ट और पेल्विस में अत्यधिक चिपकाव (एडहेज़न्स) तक। पहले मामले में 29 साल की एक महिला को एंडोमेट्रियोसिस से जुड़े सिस्ट का पता चला, जिसके लिए फर्टिलिटी-प्रिजर्विंग मिनिमली इनवेसिव एक्सीजन सर्जरी की गई और वह सफलतापूर्वक गर्भधारण कर सकीं। दूसरे मामले में 32 साल की एक महिला लंबे समय से बढ़ते और बेहद दर्दनाक पीरियड्स से परेशान थीं, जिनका कारण अंततः एंडोमेट्रियोसिस पाया गया। लैप्रोस्कोपिक एक्सीजन सर्जरी के जरिए उनका सफल इलाज किया गया। वहीं, तीसरे मामले में 31 साल की एक महिला को लगातार पेट और कमर में दर्द, ब्लोटिंग, दोनों तरफ एंडोमेट्रियोटिक सिस्ट और पेल्विस में अत्यधिक एडहेज़न्स की समस्या थी, जिसके कारण हाइड्रोसैलपिन्क्स की स्थिति बन गई थी। इन तीनों मामलों में एडवांस्ड मिनिमली इनवेसिव और रोबोट-असिस्टेड तकनीकों की मदद से सटीक उपचार किया गया, जिससे स्वस्थ टिश्यू और जहां संभव हो, रिप्रोडक्टिव फंक्शन को सुरक्षित रखा जा सका। 


भारत में एंडोमेट्रियोसिस के बढ़ते मामलों के बारे में *डॉ. अमिता शाह, चेयरमैन - ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, रोबोटिक लैपरोस्कोपी एवं एंडोस्कोपी सर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल, गुरुग्राम* ने कहा, ‘‘ _एंडोमेट्रियोसिस केवल पीरियड के दौरान होने वाला गंभीर दर्द नहीं है। यह एक मेडिकल समस्या है, जो लगातार बढ़ती जाती है। इसकी वजह से क्रोनिक दर्द हो सकता है, रिप्रोडक्टिव अंगों को नुकसान पहुँच सकता है और फर्टिलिटी पर असर पड़ सकता है। इसके बाद भी कई महिलाएं सालों तक इसके लक्षणों को नज़रअंदाज़ करती रहती हैं। ये मामले प्रदर्शित करते हैं कि यह बीमारी महिलाओं को कितना अधिक प्रभावित कर सकती है। इसलिए इसका निदान समय पर होना बहुत जरूरी है। गहरे घाव, बड़े सिस्ट और बहुत ज्यादा चिपचिपापन होने जैसे गंभीर मामलों में सर्जिकल प्रेसिजन होना बहुत जरूरी है। रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी अपने हाई-डेफिनिशन 3डी विजन और बेहतर प्रेसिजन के साथ हमें इस बीमारी का सटीक इलाज करने में समर्थ बनाती है। इस विधि से इलाज करने पर स्वस्थ टिश्यू और रिप्रोडक्टिव फंक्शन बिल्कुल सुरक्षित बने रहते हैं। इसलिए किसी भी महिला को तेज दर्द को नजरंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि अब इलाज के लिए प्रभावशाली और मिनिमली इन्वेजिव तकनीकें उपलब्ध हैं।_ ’’


मणिपाल हॉस्पिटल कॉम्प्लेक्स गायनेकोलॉजिकल समस्याओं के लिए रोबोटिक और लैपरोस्कोपिक तकनीकों की मदद से महिलाओं की हैल्थकेयर को लगातार बेहतर बना रहा है। इस हॉस्पिटल में फर्टिलिटी की रक्षा करते हुए सर्जिकल प्रेसिजन और तेज रिकवरी पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यहाँ पर कॉम्प्लेक्स समस्याओं के लिए भी प्रभावशाली इलाज उपलब्ध होता है। हॉस्पिटल में हुए इलाज के ये मामले बीमारी को बढ़ने से रोकने और एक स्वस्थ व बेहतर जीवन प्रदान करने में समय पर निदान और तुरंत इलाज शुरू करने का महत्व प्रदर्शित करते हैं।   


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