7,000 से अधिक युवाओं के साथ दिल्ली में निकली ग्लोबल रोटी डे की महा पदयात्रा, सांसद मनोज तिवारी ने युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर दिया नशामुक्ति और विकसित भारत का संदेश
विशालक्षी फाउंडेशन के संस्थापक निलय अग्रवाल के नेतृत्व में कश्मीरी गेट से दिल्ली विश्वविद्यालय तक निकली पदयात्रा
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2026: सुषमा रानी।
भोजन की बर्बादी के खिलाफ जनजागरूकता और देश के युवाओं को नशे से दूर रखने के संदेश के साथ विशालक्षी फाउंडेशन द्वारा आज दिल्ली में ग्लोबल रोटी डे के अवसर पर एक भव्य महा पदयात्रा का आयोजन किया गया। पदयात्रा कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर आर्ट्स फैकल्टी, दिल्ली विश्वविद्यालय तक पहुंची।
विशालक्षी फाउंडेशन के संस्थापक निलय अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस महा पदयात्रा में 7,000 से अधिक युवाओं एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग में युवाओं ने "उतना ही लो थाली में, व्यर्थ न जाए नाली में", "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" सहित अनेक सकारात्मक नारों के माध्यम से भोजन की बर्बादी रोकने, नशे से दूर रहने और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया।
निलय अग्रवालः "मेरा जीवन का एक ही मिशन है-कोई भूखा न सोए और कोई युवा नशे में न जाए"
पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे विशालक्षी फाउंडेशन के संस्थापक निलय अग्रवाल ने कहा कि इस अभियान के पीछे उनका उद्देश्य केवल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि देश में एक व्यापक सामाजिक बदलाव लाना है।
उन्होंने कहा, "मेरी जिंदगी का सिर्फ एक मिशन है- भारत के अंदर कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए और हमारे देश का कोई भी युवा नशे की गिरफ्त में न जाए। मैं ऐसा भारत बनते देखना चाहता हूं जहां किसी को भूख से संघर्ष न करना पड़े और हमारे देश का युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा राष्ट्र निर्माण में लगाए। हमारा लक्ष्य उस विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है, जिसकी हम 2047 तक कल्पना करते हैं।" निलय अग्रवाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा है। यदि देश का युवा नशामुक्त, जागरूक और जिम्मेदार होगा, तो वह भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
सांसद मनोज तिवारी ने युवाओं के साथ पदयात्रा में की भागीदारी
युवाओं का उत्साह बढ़ाने और नशामुक्ति एवं विकसित भारत के संदेश को मजबूत करने के लिए सांसद श्री मनोज तिवारी भी इस महा पदयात्रा में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर पदयात्रा की और कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भागीदारी दी। इस अवसर पर श्री मनोज तिवारी ने युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने, नशे से दूर रहने और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशालक्षी फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए संस्था को भविष्य में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
"उतना ही लो थाली में, व्यर्थ न जाए नाली में"
ग्लोबल रोटी डे के माध्यम से विशालक्षी फाउंडेशन ने भोजन की बर्बादी के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश दिया। पदयात्रा के दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि भोजन केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवन का सहारा हो सकता है।
फाउंडेशन का उद्देश्य है कि समाज में भोजन की बर्बादी को लेकर संवेदनशीलता बढ़े और प्रत्येक व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार ही भोजन ले, ताकि भोजन व्यर्थ न जाए और जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
इसके साथ ही पदयात्रा के माध्यम से नशामुक्त युवा और विकसित भारत का संदेश भी मजबूती से लोगों तक पहुंचाया गया।
हजारों युवाओं की भागीदारी और उनके उत्साह ने इस आयोजन को एक व्यापक जनजागरूकता अभियान का रूप दिया। स्वयंसेवकों ने भी पदयात्रा
के दौरान व्यवस्थाओं, भीड़ प्रबंधन और प्रतिभागियों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विशालक्षी फाउंडेशन ने इस अवसर पर सभी युवाओं, स्वयंसेवकों, नागरिकों, सहयोगियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस
अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
विशालक्षी फाउंडेशन का संकल्प है-
कोई भूखा न सोए।
कोई युवा नशे की गिरफ्त में न आए।
और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में हर नागरिक अपनी भूमिका निभाए।
