लोकतंत्र की आवाज बुलंद करने का सशक्त मंच साबित होगी दिल्ली की महारैली: डॉ. मुकेश शर्मा
राहुल गांधी के आह्वान पर लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जुटेगा विपक्ष: डॉ. मुकेश शर्मा
लोकतंत्र बचाने की आवाज दबाने का प्रयास निंदनीय, लोगों को रैली में आने से रोकना दुर्भाग्यपूर्ण: डॉ. मुकेश शर्मा
राहुल गांधी देश में निष्पक्ष चुनाव और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए उठा रहे हैं आवाज: डॉ. मुकेश शर्मा
महारैली को सफल बनाने में हरियाणा कांग्रेस की रहेगी अहम भूमिका, लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी: डॉ. मुकेश शर्मा
गुरुग्राम। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता डॉ. मुकेश शर्मा ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली इंडिया महागठबंधन की महारैली देश में लोकतंत्र की आवाज बुलंद करने, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का सशक्त मंच साबित होगी। यह महारैली केवल विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक अधिकारों, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने के संकल्प का प्रतीक बनेगी। डॉ. मुकेश शर्मा ने कहा कि आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार लोकतंत्र को बचाने की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है और लोगों को महारैली में शामिल होने से रोका जा रहा है। यह अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने, शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने और जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। किसी भी सरकार को जनता की इस लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। डॉ. मुकेश शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी देश में निष्पक्ष चुनाव और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े गंभीर सवालों को प्रमाणों और तथ्यों के साथ देश के सामने रखा है। जब चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, तो भाजपा सरकार और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं को इनका स्पष्ट जवाब देना चाहिए। जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उसके लोकतांत्रिक अधिकार कितने सुरक्षित हैं। सवालों से बचने के बजाय पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से जनता का विश्वास मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी वास्तविक मजबूती निष्पक्ष चुनाव, स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाओं, अभिव्यक्ति की आजादी, नागरिक अधिकारों और सरकार की जवाबदेही पर निर्भर करती है। जब विपक्ष जनता से जुड़े सवाल उठाता है तो सरकार को उन सवालों का जवाब देना चाहिए। लोकतंत्र में असहमति को दबाने के बजाय उसका सम्मान किया जाना चाहिए। जनता की आवाज सुनना और उसकी समस्याओं का समाधान करना प्रत्येक लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है। डॉ. मुकेश शर्मा ने कहा कि इंडिया महागठबंधन की यह महारैली देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसमें महंगाई, बेरोजगारी, किसानों, युवाओं, आम नागरिकों और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में हरियाणा कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की अहम भूमिका रहेगी। हरियाणा से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र समर्थक नागरिकों की भागीदारी इस अभियान को नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचकर लोकतंत्र की आवाज बुलंद करने और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंडिया महागठबंधन की महारैली देश में लोकतांत्रिक चेतना को नई ऊर्जा देने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का ऐतिहासिक अवसर बनेगी।
