700 से अधिक डेलिगेट्स की उपस्थिति में IIRSI 2025 का भव्य आगाज़

700 से अधिक डेलिगेट्स की उपस्थिति में IIRSI 2025 का भव्य आगाज़


25 देशों से आए 700+ आई-केयर एक्सपर्ट्स के साथ IIRSI 2025 की शानदार शुरुआत

नई दिल्ली:इंट्राऑक्युलर इम्प्लांट एंड रिफ्रेक्टिव सोसाइटी ऑफ इंडिया (IIRSI) ने आज अपने प्रतिष्ठित वार्षिक सम्मेलन—IIRSI 2025—का उद्घाटन यशोभूमि इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (YICC), द्वारका में किया। उद्घाटन दिवस पर 25 देशों से आए 700 से अधिक डेलिगेट्स की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि मोतियाबिंद, रिफ्रेक्टिव, कॉर्नियल और इम्प्लांट सर्जरी के क्षेत्र में भारत वैश्विक नेतृत्व की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।


दो दिवसीय सम्मेलन का थीम “Hindsight. Insight. Foresight.” है। इस वर्ष का आयोजन वरिष्ठ सर्जनों, यंग ऑप्थल्मोलॉजिस्ट्स, फैलोज़, रिसर्चर्स और इंडस्ट्री पार्टनर्स सहित 700 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर इसे भारतीय नेत्र-चिकित्सा जगत के सबसे बड़े वैज्ञानिक सम्मेलनों में से एक बनाता है।


“700 से अधिक डेलिगेट्स के साथ IIRSI 2025 की शुरुआत भारत की आई-केयर लीडरशिप का प्रमाण है। इतने बड़े वैज्ञानिक समुदाय को एक साथ देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है, जो ज्ञान, नवाचार और भविष्य की दिशा पर खुलकर चर्चा कर रहा है। IIRSI ने चिकित्सा समुदाय को सशक्त बनाने के लिए जो मंच तैयार किया है, वह लाखों मरीज़ों को लाभ पहुंचाएगा।”


कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए डॉ. (प्रो.) महिपाल सिंह सचदेव, चेयरमैन, साइंटिफिक कमेटी, IIRSI ने कहा, “IIRSI हमेशा से वैज्ञानिक उत्कृष्टता और सार्थक शिक्षण के लिए जाना जाता है। पहले दिन की अभूतपूर्व भागीदारी हमारे इस संकल्प को और मजबूत करती है कि हम नेत्र चिकित्सकों को नवीनतम तकनीकों और प्रैक्टिकल स्किल्स से सशक्त बनाएं।” 


डॉ. अमर अग्रवाल, सेक्रेटरी जनरल – IIRSI ने कहा, “IIRSI 2025 नेत्र-चिकित्सा समुदाय की सामूहिक शक्ति और वैज्ञानिक उत्साह का प्रतीक है। उद्घाटन दिवस ने सहयोगी शिक्षण, नवाचार और क्लिनिकल एक्सीलेंस का एक नया मानक स्थापित किया है। हमारा उद्देश्य हमेशा से सर्जनों को नवीनतम तकनीकों, टेक्नोलॉजी और एविडेंस-बेस्ड ज्ञान तक पहुंच दिलाना रहा है।”


डॉ. मोहन राजन, प्रेसिडेंट इलेक्ट, AIOS ने कहा,“IIRSI 2025 में दिखाई दे रही ऊर्जा और सक्रियता आंखों की देखभाल में वैश्विक परिवर्तन को दर्शाती है। यह सम्मेलन वैज्ञानिक संवाद, हैंड्स-ऑन लर्निंग और नेक्स्ट-जेनरेशन टेक्नोलॉजी को एक मंच पर लाकर एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। डेलिगेट्स की भागीदारी भारत में नेत्र-चिकित्सा को और उन्नत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”


पहले दिन यंग ऑप्थल्मोलॉजिस्ट्स की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने स्किल ट्रांसफर लैब्स और इंटरएक्टिव मॉड्यूल्स में सक्रिय हिस्सा लिया। इंडस्ट्री पार्टनर्स ने लेटेस्ट लेज़र्स, डायग्नोस्टिक्स, सर्जिकल प्लेटफॉर्म्स और एडवांस्ड IOL टेक्नोलॉजीज़ प्रस्तुत कीं।


डॉ. (मेजर जनरल) JKS परिहार, प्रेसिडेंट-इलेक्ट, IIRSI, ने कहा, “पहले दिन की प्रतिक्रिया शानदार रही। IIRSI 2025 केवल एक अकादमिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अनुभव, टेक्नोलॉजी और फ्यूचर-थिंकिंग का एक मजबूत संगम है।”


उत्साह व्यक्त करते हुए डॉ. रितिका सचदेव, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी, IIRSI, ने कहा, “IIRSI 2025 को हमने एक इमर्सिव और इंटरएक्टिव लर्निंग एक्सपीरियंस के रूप में तैयार किया है, और उद्घाटन दिवस की ऊर्जा ने हमारी उम्मीदों को पार कर दिया है।” 


700 से अधिक डेलिगेट्स की प्रभावशाली उपस्थिति के साथ IIRSI 2025 ने उच्चस्तरीय वैज्ञानिक चर्चाओं, नवाचार और सहयोग से भरे दो दिनों की शानदार शुरुआत कर दी है।

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