सेवा और विज्ञान का संगम: विवेकानंद आरोग्य केन्द्र में हुआ क्रांतिकारी लीडलेस डुअल चैंबर पेसमेकर का सफल प्रत्यारोपण

 सेवा और विज्ञान का संगम: विवेकानंद आरोग्य केन्द्र में हुआ क्रांतिकारी लीडलेस डुअल चैंबर पेसमेकर का सफल प्रत्यारोपण



गुरुग्राम स्थित भारत विकास परिषद महाराणा न्यास द्वारा संचालित विवेकानंद आरोग्य केन्द्र ने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। रोटरी प्रेम सागर हृदय केंद्र में हाल ही में एक मरीज में अत्याधुनिक डुअल चैंबर लीडलेस पेसमेकर का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया। यह गुरुग्राम का तीसरा ऐसा मामला है और परोपकारी अस्पताल में इस स्तर की हाई-टेक प्रक्रिया का सफल होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


यह पेसमेकर तकनीक पारंपरिक पेसमेकर से पूरी तरह अलग और कहीं अधिक उन्नत है। इसमें न तो किसी प्रकार की चीर-फाड़ की आवश्यकता होती है और न ही त्वचा के नीचे कोई डिवाइस या तार (लीड) डाले जाते हैं। यह प्रक्रिया कैथेटर के माध्यम से एंजियोग्राफी की तरह की जाती है, जिसमें पेसमेकर को सीधे हृदय के भीतर सुरक्षित रूप से स्थापित किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द, कम जोखिम और तेज़ रिकवरी का लाभ मिलता है।


डुअल चैंबर लीडलेस पेसमेकर हृदय की दोनों प्रमुख चैंबरों—एट्रियम और वेंट्रिकल—के बीच समन्वय बनाकर हार्ट रेट को स्वचालित रूप से नियंत्रित करता है। यह डिवाइस पहले से सेट की गई हार्ट रेट के अनुसार कार्य करता है और हृदय को आवश्यकतानुसार विद्युत संकेत देकर उसकी नियमित धड़कन बनाए रखता है। इस पेसमेकर की अनुमानित जीवन अवधि लगभग 25 वर्ष है और इसमें किसी प्रकार की बैटरी बदलने या नियमित मेंटेनेंस की आवश्यकता नहीं होती।


सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तकनीक में इन्फेक्शन या जटिलताओं की संभावना अत्यंत न्यूनतम होती है, क्योंकि इसमें बाहरी चीरा, पॉकेट या लीड नहीं होती। यह विशेष रूप से बुजुर्गों और उन मरीजों के लिए वरदान है जिनमें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।


इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे रोटरी क्लब साउथ सेंट्रल दिल्ली ने हार्ट सैटर को लगाने  का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा, जिनके बिना यह जटिल और महंगी प्रक्रिया संभव नहीं हो पाती। सामाजिक संस्थाओं और चिकित्सा विज्ञान के इस सहयोग ने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा भाव और आधुनिक तकनीक मिलकर असाधारण परिणाम दे सकते हैं।


इस सफल प्रत्यारोपण के लिए डॉ. नितिन परासर और उनकी पूरी टीम विशेष बधाई की पात्र है। उनकी विशेषज्ञता, समर्पण और सेवा भावना ने “नर सेवा, नारायण सेवा” को वास्तविक अर्थों में चरितार्थ कर दिखाया है। विवेकानंद आरोग्य केन्द्र में हुआ यह कार्य न केवल चिकित्सा जगत के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उन्नत हृदय चिकित्सा अब परोपकारी संस्थानों के माध्यम से भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही है। जैसा कि विदित है कि विवेकानंद आरोग्य केन्द्र पिछले कई वर्षों से समाज के जरूरत मंद लोगों को सस्ते दरों में उच्च कोटि की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही है।

Previous Post Next Post

نموذج الاتصال