परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने कार्यालय पर 250 जन समस्याएं सुनी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी दिन रात कर रहे है जनता के काम, बना रहे है रोज नए योजनाएं।
सभी शिकायतों की साप्ताहिक फीड बैक ले रहे है मुख्यमंत्री: डॉ. सतीश खोला
परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने आज कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान लगभग 250 नागरिकों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं। जनसुनवाई में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नागरिकों ने परिवार पहचान पत्र, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित अपनी शिकायतें एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
डॉ. सतीश खोला ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे। परिवार पहचान प्राधिकरण इसी उद्देश्य से कार्य कर रहा है ताकि नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और एक ही पहचान के माध्यम से सभी सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
इस अवसर पर डॉ. खोला ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी दिन-रात जनता की सेवा में जुटे हुए हैं। वे लगातार नई जनहितकारी योजनाएं तैयार कर रहे हैं और मौजूदा योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें और अधिक प्रभावी बना रहे हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि शासन-प्रशासन आम नागरिक की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करे।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी स्वयं साप्ताहिक फीडबैक ले रहे हैं, ताकि योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन किया जा सके और जहां भी सुधार की आवश्यकता हो, तुरंत कार्रवाई की जा सके। यही कारण है कि प्रशासनिक व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह बनी है।
डॉ. सतीश खोला ने कहा कि जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच सेतु का काम करते हैं। इससे न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होता है, बल्कि आमजन में सरकार के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को बेझिझक प्रशासन तक पहुंचाएं।
जनसुनवाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी रही और लोगों ने सरकार द्वारा आमजन की समस्याएं सीधे सुनने की इस पहल की सराहना की।
