बिहार सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने जीएमडीए कार्यालय का दौरा किया



बिहार सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने जीएमडीए कार्यालय का दौरा किया


गुरुग्राम, 30 जनवरी: बिहार सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग (यूडी एंड एचडी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के कार्यालय का दौरा, ताकि प्राधिकरण की संरचना, कार्यप्रणाली और संस्थागत ढांचे के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सके। जीएमडीए के सीईओ श्री पी.सी. मीणा ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और शहरी विकास की प्राथमिकताओं, एकीकृत योजना पहलों, प्रशासनिक सुधारों तथा तकनीक आधारित उपायों पर चर्चा की, ताकि नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें।


जीएमडीए के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री विश्वजीत चौधरी की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें एक्सपोजर विजिट टीम को जीएमडीए के कार्य मॉडल, संरचना और गुरुग्राम को एक आधुनिक, सुनियोजित और प्रौद्योगिकी-आधारित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न पहलों की गहन जानकारी दी गई। प्राधिकरण के बुनियादी ढांचे, परिवहन, शहरी नियोजन और सार्वजनिक सेवा वितरण से संबंधित प्रमुख कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें जीएमडीए के एकीकृत नियोजन दृष्टिकोण, चल रही पहलों और भविष्य के रोडमैप को स्पष्ट किया गया। जल निकासी और सीवरेज संवर्धन कार्यों, सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार और सुनियोजित शहरी परिवहन समाधानों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।    


इस दौरे में बिहार सरकार के शहरी विकास एवं विकास विभाग (यूडी एंड एचडी) के वरिष्ठ अधिकारियों में श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव आईएएस, विशेष सचिव, श्री विजय प्रकाश मीणा आईएएस, अतिरिक्त सचिव, श्री मनोज कुमार, बी.ए.एस., अतिरिक्त सचिव, श्री अभिषेक पलासिया, आईएएस, नगर आयुक्त, गया, श्री अनुपम सुनील, सहायक नगर नियोजन पर्यवेक्षक (एटीपीएस), पटना महानगर प्राधिकरण, यूडी एंड एचडी, श्री सुमित रंजन, सहायक वास्तुकार, यूडी एंड एचडी, श्री वैभव भटनागर, नगर योजनाकार, पीएमयू, यूडी एंड एचडी शामिल थे।  


प्रतिनिधिमंडल को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का विस्तृत दौरा कराया गया, जहां जीएमडीए के स्मार्ट सिटी विंग द्वारा दी जा रही सेवाओं का लाइव प्रदर्शन किया गया। प्रतिनिधिमंडल को आईसीसीसी की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें वास्तविक समय की निगरानी, यातायात एवं गतिशीलता प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया समन्वय और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण सहित प्रमुख नागरिक सेवाओं की एकीकृत निगरानी और प्रबंधन  शामिल है। स्मार्ट समाधानों, प्रौद्योगिकी हस्तक्षेपों, सिस्टम एकीकरण और आईसीसीसी संचालन की स्थापना एवं विस्तार पर चर्चा की गई। 



प्रतिनिधियों ने टाउनशिप विकास मॉडल, हरियाणा सरकार के नीतिगत रूपरेखा और कार्यान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों को समझने में भी रुचि व्यक्त की। पटना महानगर प्राधिकरण की स्थापना के बाद, प्रतिनिधिमंडल ने उन महत्वपूर्ण सीखों और सर्वोत्तम प्रथाओं को जानने का प्रयास किया जिन्हें राज्य में शहरी विकास और नियोजित शहरीकरण को और मजबूत करने के लिए अपनाया जा सकता है। वे जीएमडीए के विभिन्न प्रमुख परियोजना स्थलों जैसे ताऊ देवी लाल स्टेडियम, शीतला माता अस्पताल एवं कॉलेज, डब्ल्यूटीपी बसई और एसटीपी बहरामपुर का भी दौरा करेंगे। 



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