193 देशों में रैडक्रास की लगभग 700 शाखाएं समाज सेवा हेतु कार्यरत:- डॉ. सुनील कुमार
शिविर का उदेश्य युवाओं में समाज सेवा का जज्बा तैयार करनाः जिला सचिव, गौरव राम करण।
चंडीगढ़।
रेड क्रॉस पानीपत द्वारा चलाई जा रही है जनकल्याण कल्याणकारी गतिविधियां:- डॉ. अनुपम अरोड़ा प्रिंसिपल सनातन धर्म कॉलेज पानीपत
डॉ. विरेन्द्र कुमार दहिया, आई.ए.एस., माननीय उपायुक्त एंव प्रधान, जिला रैडक्रास सोसाईटी, पानीपत के कुशल मार्गदर्शन व अंकुश मिगलानी, उपाध्यक्ष्य, भारतीय रैडक्रास सोसाईटी, हरियाणा, राज्य शाखा, चण्डीगढ़ से प्राप्त निर्देशानुसार 23.02.2026 से 27.02.2026 तक यूथ रैडक्रास प्रशिक्षण शिविर का आयोजन सनातन धर्म महाविद्यालय, पानीपत के प्रांगण में किया जा रहा है।
आज प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सामारोह में डॉ. सुनील कुमार, राज्य महासचिव, भारतीय रैडक्रास सोसाईटी, हरियाणा राज्य शाखा, चण्डीगढ़ ने बतौर मुख्य अतिथि शिरक्त की। मुख्य अतिथि का स्वागत गौरव राम करण, सचिव, जिला रैडक्रास सोसाईटी, पानीपत, हरमेश चन्द, शिविर निदेशक एंव जिला प्रशिक्षण अधिकारी तथा एस.डी. कालेज प्राचार्या डॉ. अनुपम अरोड़़ा, डॉ. पूजा सिंघल इंचार्ज रेड क्रॉस ब्लड बैंक व यूथ रैडक्रास कांउसलर राकेश गर्ग सहित विभिन्न कालेजों के यूथ रैडक्रांस काउंसलरस व अन्य प्रतिभागियों ने पुष्पगुच्छ देकर व फूल मालाओं से किया।
शिविर की शुरुआत में रेडक्रॉस का झंडा फहराया गया व सलामी दी गई और पौधारोपण किया गया। उसके बाद शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा रिबन काटकर व द्वीप प्रज्वलित के साथ की किया गया। इस अवसर पर अतिथि गण द्वारा रैडक्रास के संस्थापक सर जीन हैनरी डयूना जी को पुष्प अर्पित किये गये। मुख्य अतिथि महोदय डॉ. सुनील कुमार ने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुये कहा कि रैडक्रास एक अंतरराष्ट्रीय संस्था व लगभग 193 देशों में समाज सेवा के कार्य में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि रैडक्रास की स्थापना सन 1863 ईस्वी में सर जीन हैनरी डूयनां द्वारा की गई थी और भारत में रैडक्रास की स्थापना पार्लियामेंट एक्ट 1920 के तहत की गई। इस समय रैडक्रास की भारत में लगभग 700 से अधिक शाखाएं कार्यरत है। रेडक्रॉस को उसके जनसेवा के कार्यो के मद्देनजर 3 बार व उसके संस्थापक को 1 बार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। रेडक्रॉस समाज सेवा को सबसे बेहतर प्लेटफार्म है। हमें रैडक्रास द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिये। उन्होनें युवाओं को प्रेरित करते हुये कहा कि हमें दृढ़ निश्चिय से जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। मुख्य अतिथि ने सभी प्रतिभागियों को रैडक्रास के नियमों पर चलने बारे शपथ दिलवाई।
गौरव राम करण ने बताया कि जिला पानीपत के विभिन्न लगभग 17 विश्वविदयालयों /महाविद्यालयों सें लगभग 120 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे है। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को नशा से दूर रहने, संक्रामक रोंगों की रोकथाम, योग एंव आर्युवेद का जीवन में महत्व, सैंट जाॅन व हस्पताल कल्याण की आजीवन सदस्यता को बढ़ाना, अधिक से अधिक दक्ष आपदा प्रबन्धन टीम तैयार करना, स्वैच्छिक रक्तदान, रैडक्रास के चिन्हे के दुरूपयोग को रोकना, अंगदान के लिये जागरूक करना, बच्चों में मोबाईल की गल्त आदत छुडवाना, प्राथमिक चिक्तिसा, गृह परिचर्या प्रशिक्षण, रैडक्रास गतिविधियों का प्रचार-प्रसार, यातायात के नियमों व सड़क सुरक्षा टीमों के गठन बारे जागरूकता, मैडिकल चैकअप, वृक्षारोपण, संतुलित आहार, योग व घ्यान, समाजिक कुरतियों बारे जागरूकता इत्यादि विषयों बारे प्रतिभागियों को अवगत करवाया जायेगा।
प्राचार्या डॉ. अनुपमम अरोड़ा जी ने अपने सम्बोधन में आये हुये अतिथियों का स्वागत किया और रैडक्रास द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हुये कहा कि रैडक्रास द्वारा चलाई जा रहर गतिविधियां काबिले तारिफ है। उन्होेनें कहा कि प्रत्येक युवा को रैडक्रास के साथ जुड़ना चाहिये।
शिविर निदेशक हरमेश चन्द ने मुख्य अतिथि का स्वागत व धन्यवाद करते हुये कहा कि हमारे लिए यह सौभाग्य की बात है कि युथ इस कार्यक्रम में बहुत ही ईमानदार व कर्मठ अधिकारी बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर पधारे है, जिन्होनें मास नवंबर 2025 में ही हरियाणा राज्य शाखा का कार्यभार संभाला है। इससे पहले मुख्य अतिथि महोदय हरियाणा के विभिन्न जिलों में बतौर सचिव अपनी सेवाएं दे चुके है। महासचिव का पदभार संभालते हुये मुख्य अतिथि महोदय द्वारा बहुत सी जन कल्याणकारी गतिविधियों की शुरुआत की गई है, जबकि आने वाले समय में रेडक्रॉस के लिये मील का पत्थर साबित होंगी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि महासचिव डॉ. सुनील कुमार को रैडक्रास सोसाईटी, पानीपत के सचिव गौरव रामकरण, शिविर निदेशक हरमेश चन्द, प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा व अन्य काउंसलर द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
आज प्रथम दिन प्रतिभागियों को शिविर निदेशक द्वारा जिला स्तर पर रैडक्रास द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों बारे अवगत करवाया गया। डा. पूजा सिंघल, मुख्य वक्ता द्वारा प्रतिभागियों को स्वैच्छिक रक्तदान बारे जागरूक करते हुए कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच में है, वजन 50 किलोग्राम है और रक्त में एच.बी. की मात्रा 12 ग्राम से अधिक है, वह साल में 90 दिनों के अंतराल पर 4 बार रक्तदान कर सकता है। हमें स्वैच्छिक रक्तदान के लिये आगे आना चाहिए ताकि जरूरतमंद मरीज व्यक्ति को रक्त की आपूर्ति की जा सके। वक्ता श्रीमती सोनिया शर्मा, प्रवक्ता प्राथमिक सहायता ने प्रतिभागियों को प्राथमिक सहायता के तहत सी.पी.आर. के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया और प्रतिभागियों ने प्रैक्टिकल के माध्यम से सी.पी.आर. विधि को सीखा। उन्होनें बताया कि यदि किसी दुर्घटनावश व्यक्ति की सांस व धड़कन रूक जाये तो उसे सी.पी.आर. देकर चालू किया जा सकता है और पीड़ित की जान का बचाया जा सकता है।
मंच संचालन की भूमिका डॉ. संतोष कुमारी सनातन धर्म कॉलेज पानीपत ने अदा की, जिसे खूब सराहा गया। अन्त में मुख्य अतिथि, प्राचार्या सनातन धर्म महाविद्यालय व अन्य सभी यूथ रैडक्रास कांउसलर का धन्यवाद किया। सभी प्रतिभागियों ने शिविर में दी गई ज्ञानवर्धक जानकारी की प्रशंसा की। इस अवसर पर रैडक्रास के स्टाॅफ सदस्य लाल चन्द, जसमेर, अमित कुमार, प्रवक्ता कला भारद्वाज, सोनिया शर्मा, प्रदीप मुख्य रूप से मौजूद रहे।
