जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी. सी. मीणा ने रविवार को शहर की मानसून तैयारियों और प्रमुख ड्रेनेज परियोजनाओं का फील्ड निरीक्षण किया।

जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी. सी. मीणा ने रविवार को शहर की मानसून तैयारियों और प्रमुख ड्रेनेज परियोजनाओं का फील्ड निरीक्षण किया।


4.5 किलोमीटर लंबे लेग-4 ड्रेन का कार्य लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है तथा शेष 120 मीटर निर्माण कार्य 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।


लेग-4 के चालू होने से बादशाहपुर ड्रेन (लेग-3) पर दबाव कम होगा और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी।


ताऊ देवीलाल स्टेडियम के समीप निर्माणाधीन ड्रेन का कार्य भी जून तक पूरा कर लिया जाएगा, जिससे मेदांता रोड, अंडरपास तथा सेक्टर-32 क्षेत्र में जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।


नरसिंहपुर क्षेत्र में विकसित की जा रही नई ड्रेनेज परियोजनाएं एनएच-48 एवं आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को कम करने में सहायक होंगी।


गुरुग्राम, 31 मई: गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी. सी. मीणा ने रविवार को शहर की मानसून तैयारियों की समीक्षा के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण जल निकासी परियोजनाओं तथा जलभराव संभावित स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने तथा मानसून अवधि में जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।


श्री मीणा ने वाटिका चौक से राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के समानांतर निर्मित की जा रही लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी लेग-4 ड्रेन का निरीक्षण किया। यह ड्रेन लगभग 9 मीटर चौड़ी, 3 मीटर गहरी तथा 1400 क्यूसेक वहन क्षमता वाली है। अधिकारियों ने अवगत कराया कि लगभग छह माह पूर्व इस परियोजना का 75 प्रतिशत कार्य शेष था, जिसे निरंतर निगरानी और त्वरित कार्यवाही के माध्यम से लगभग पूर्ण कर लिया गया है। वर्तमान में केवल लगभग 120 मीटर का कार्य शेष है, जिसे 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।


निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि लेग-4 के संचालन में आने के बाद लेग-3 (बादशाहपुर ड्रेन) पर पड़ने वाला दबाव कम होगा तथा अतिरिक्त वर्षा जल को आवश्यकता अनुसार गेट प्रणाली के माध्यम से लेग-4 की ओर मोड़ा जा सकेगा। इससे बादशाहपुर ड्रेन से जुड़े जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी क्षमता में वृद्धि होगी और वर्षा जल का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।


इसके उपरांत श्री मीणा ने ताऊ देवी लाल स्टेडियम के समीप निर्माणाधीन ड्रेन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्य 15 जून तक पूर्ण होने की संभावना है, जिससे मेदांता रोड, आसपास के अंडरपासों तथा सेक्टर-32 क्षेत्र में जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।


मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने नरसिंहपुर क्षेत्र में चल रहे जल निकासी कार्यों का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि एक नई ड्रेन के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप एकत्र होने वाले वर्षा जल को खांडसा गांव के बाहरी क्षेत्र से सीधे लेग-3 तक पहुंचाया जाएगा। इससे पानी को हीरो होंडा चौक की दिशा में ले जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। सनबीम फैक्ट्री के निकट ट्रेंचलेस तकनीक से निर्मित किए जा रहे बैरल तथा नई ड्रेन के माध्यम से जल निकासी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।


श्री मीणा ने राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के नीचे ट्रेंचलेस तकनीक से निर्मित किए जा रहे तीन बैरल के कार्य की भी समीक्षा की। यह परियोजना एक्सप्रेसवे तथा सर्विस रोड के दोनों ओर जल निकासी को सुदृढ़ बनाएगी और नरसिंहपुर क्षेत्र में जलभराव की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


निरीक्षण के दौरान श्री पी. सी. मीणा ने कहा कि जीएमडीए द्वारा मानसून से पूर्व सभी महत्वपूर्ण जल निकासी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी ड्रेनों की एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी, सफाई तथा निर्बाध जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाए, ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


निरीक्षण के दौरान जीएमडीए के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


Previous Post Next Post

نموذج الاتصال