विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)अभियान को लेकर डीसी ने की प्रेस वार्ता, घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ
5 जून से शुरू होगा विशेष गहन पुनरीक्षण, घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे बीएलओ
21 जुलाई को प्रकाशित होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची, 21 जुलाई से 18 सितंबर तक दर्ज होंगे दावे एवं आपत्ति
जन्म तिथि के अनुसार देने होंगे आवश्यक दस्तावेज तीन बार घर-घर संपर्क करेंगे बीएलओ
गुरुग्राम में 15.55 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाता, 251 नए मतदान केंद्र प्रस्तावित
डीसी ने कहा, प्रशासन का प्रयास मतदाता सूची में कोई पात्र नागरिक न छूटे
1 जुलाई 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा बन सकेंगे मतदाता : डीसी उत्तम सिंह
गुरुग्राम, 29 मई।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम-2026 के तहत व्यापक अभियान चलाया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो सके। डीसी शुक्रवार को लघु सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
डीसी ने बताया कि इस पुनरीक्षण अभियान के लिए 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। अर्थात जो नागरिक 1 जुलाई 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके होंगे, वे मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के पात्र होंगे।
डीसी ने बताया कि अभियान का प्रारंभिक चरण 5 जून से 14 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) तथा राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
डीसी ने बताया कि इसके उपरांत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे, फोटो अपडेट करेंगे तथा हस्ताक्षर करवाकर फॉर्म प्राप्त करेंगे। साथ ही नए मतदाताओं के लिए आवश्यक फॉर्म-6 भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। मतदाता ऑनलाइन पोर्टल voters.eci.gov.in के माध्यम से भी आवेदन कर सकेंगे। डीसी ने बताया कि 14 जून से 26 जून तक जिले के सभी मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता न हों तथा किसी मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए 2 किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। साथ ही परिवार एवं एक ही क्षेत्र के मतदाताओं को यथासंभव एक ही मतदान केंद्र से जोड़ा जाएगा।
डीसी ने बताया कि 21 जुलाई 2026 को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 21 जुलाई से 18 सितंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। जिन मतदाताओं का नाम सूची में शामिल नहीं होगा, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे तथा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर उनके दावों का निपटारा किया जाएगा। डीसी ने बताया कि 1 जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे नागरिकों को स्वयं का एक मान्य दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्तियों को अपना एक दस्तावेज तथा माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा। वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे आवेदकों को अपना एक दस्तावेज तथा माता-पिता दोनों के एक-एक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
डीसी ने कहा कि बीएलओ प्रत्येक मतदाता तक पहुंचने के लिए कम से कम तीन बार घर-घर संपर्क करेंगे। राजनीतिक दलों के बीएलए भी मतदाताओं को फॉर्म भरने, दस्तावेज जमा करवाने तथा अन्य प्रक्रियाओं में सहयोग करेंगे। डीसी ने बताया कि वर्तमान में गुरुग्राम जिले में कुल 15 लाख 55 हजार 39 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से 5 लाख 46 हजार 970 मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है, जो कुल मतदाताओं का 35.17 प्रतिशत है। यह आंकड़ा आगामी एन्यूमरेशन प्रक्रिया के दौरान और बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में प्रारंभिक समीक्षा के आधार पर 251 नए मतदान केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। विशेष रूप से ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और हाईराइज सोसायटियों में अलग मतदान केंद्र स्थापित करने पर फोकस किया गया है।
डीसी उत्तम सिंह ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जब बीएलओ घर-घर सर्वेक्षण के लिए आएं तो उन्हें पूरा सहयोग दें। मतदाता अपने नाम, पता, जन्मतिथि तथा अन्य विवरणों की जांच प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अवश्य करें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित समयावधि के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज करवाएं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा का पालन करना अत्यंत आवश्यक है और सभी दावे एवं आपत्तियां तय अवधि के दौरान ही स्वीकार की जाएंगी।
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