चोरी व मारपीट व जानलेवा धमकी के आरोप से 4 अभियुक्त बरी
बागपत।करीब 15 वर्ष पुराने एक परिवाद मामले में न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में चार अभियुक्तों को दोषमुक्त करार दिया है।
जानकारी के अनुसार, परिवादी लीलू पुत्र चिंताराम ने दिनांक 09 मई 2011 को बागपत न्यायालय में परिवाद दायर करते हुए आरोप लगाया था कि अभियुक्तों ने उसके घर में घुसकर पीतल व स्टील के 60 बर्तन, संदूक, हसली, अंगूठी, चांदी की दो जोड़ी पाजेब, चार चांदी के छल्ले सहित अन्य सामान चोरी कर लिया। परिवादी ने मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता समोद कुमार पंवार ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि परिवादी अपने आरोपों के समर्थन में कोई मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो साक्ष्य अथवा स्वतंत्र गवाह प्रस्तुत नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त एवं विश्वसनीय साक्ष्य न्यायालय में उपलब्ध नहीं कराए गए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने एवं उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के उपरांत सिविल जज (जूनियर डिवीजन) त्वरित न्यायालय, बागपत के न्यायाधीश रजनीश कुमार द्वितीय ने अभियुक्त श्यामलाल व मोहनलाल पुत्रगण लखमीचंद, जितेंद्र पुत्र ज्ञानचंद तथा अशोक पुत्र महेंद्र निवासी ग्राम हसनपुर मंसूरी, थाना खेकड़ा, जनपद बागपत को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 380, 427 एवं 506 के आरोपों से दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया।
न्यायालय के फैसले के बाद अभियुक्त पक्ष ने संतोष व्यक्त किया

