गुरुग्राम, 21 जून। यादव कल्याण परिषद के तत्वावधान केन्द्र सेक्टर-10ए स्थित कृष्ण भवन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पतंजलि योगपीठ के सहयोग से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ योग शिक्षिका राजवती यादव जी ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योग क्रियाओं एवं उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी तथा योगाभ्यास करवाया। इस अवसर पर समाजसेवी रोशनी जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
रोशनी जी ने वरिष्ठ शिक्षिका राजवती यादव जी एवं उनकी टीम को अंतर्राष्ट्रीय शांति वक्ता श्री प्रेम रावत जी की विश्वप्रसिद्ध पुस्तक "श्वास" एवं "स्वयं की आवाज़" भेंट स्वरूप प्रदान कीं।
रोशनी जी का कहना है कि योग हमारे शरीर को स्वस्थ एवं निरोग बनाकर दीर्घायु जीवन प्रदान करता है। इसी प्रकार एक और विद्या है, जिसे श्रीमद्भगवद्गीता में राजविद्या कहा गया है। यह सभी विद्याओं में श्रेष्ठ है और इसके माध्यम से मनुष्य स्वयं को जान सकता है। संतों, महात्माओं, पीरों,पैगंबरों ने भी आत्मज्ञान के महत्व पर बल दिया है
उन्होंने गीता के श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा—
"राजविद्या राजगुह्यं पवित्रमिदमुत्तमम्।
प्रत्यक्षावगमं धर्म्यं सुसुखं कर्तुमव्ययम्।।"
अर्थात यह ज्ञान सभी विद्याओं का राजा, सभी रहस्यों में श्रेष्ठ, अत्यंत पवित्र, प्रत्यक्ष अनुभव करने योग्य, धर्मयुक्त, सरल एवं अविनाशी है।
इस विद्या के बिना सबकुछ होते हुये भी आदमी इस संसार से प्यासा ही चला जाता है और दूसरी ओर अगर किसी के पास कुछ भी नहीं है केवल यह राज विद्या है तो उसके जैसा भाग्यशाली कोई नहीं है, पुराणों और शास्त्रों का मत भी यही कहता है।
उन्होंने बताया कि श्री प्रेम रावत जी मात्र चार वर्ष की आयु से विश्वभर के इच्छुक लोगों को इसी आत्मज्ञान और आंतरिक शांति के संदेश से परिचित करा रहे हैं।
