गुरुग्राम, 21 जून। पालम विहार स्थित सात फेरे गार्डन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर महिला पतंजलि योग समिति द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ योगाचार्य डॉ. सुनील आर्य जी ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास करवाया तथा उनके स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर केंद्रीय संसदीय बोर्ड सदस्य डा सुश्री सुधा यादव जी के सपुत्र एवं समाजसेवी रोशनी जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। दोनों अतिथियों ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर रोशनी जी ने वरिष्ठ योगाचार्य डॉ. सुनील आर्य जी और डा सुधा यादव जी के सपुत्र को अंतर्राष्ट्रीय शांति दूत Prem Rawat की विश्वप्रसिद्ध पुस्तकें "श्वास" तथा Hear Yourself (हिंदी संस्करण: स्वयं की आवाज़) भेंट स्वरूप प्रदान कीं।
रोशनी जी का कहना है कि योग हमारे शरीर को स्वस्थ, निरोग एवं दीर्घायु बनाता है। इसी प्रकार एक और विद्या है, जिसे श्रीमद्भगवद्गीता में राजविद्या कहा गया है। यह सभी विद्याओं में श्रेष्ठ है और इसके माध्यम से मनुष्य स्वयं को जान सकता है। संतों, महात्माओं, पीरों एवं पैगंबरों ने भी आत्मज्ञान के महत्व पर विशेष बल दिया है।
रोशनी जी ने गीता के प्रसिद्ध श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा—
"राजविद्या राजगुह्यं पवित्रमिदमुत्तमम्।प्रत्यक्षावगमं धर्म्यं सुसुखं कर्तुमव्ययम्।।"
अर्थात यह ज्ञान सभी विद्याओं का राजा, सभी रहस्यों में श्रेष्ठ, अत्यंत पवित्र, प्रत्यक्ष अनुभव करने योग्य, धर्मयुक्त, सरल एवं अविनाशी है।
रोशनी जी ने बताया कि श्री प्रेम रावत जी पिछले 65 बर्षों से मात्र चार वर्ष की आयु से विश्वभर के इच्छुक लोगों को इसी संदेश से परिचित करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में बाहरी स्वास्थ्य के साथ-साथ आंतरिक शांति और आत्मबोध भी उतने ही आवश्यक हैं।
