मासूम की जिंदगी बचाने को आगे आया अस्पताल, 2 लाख का बिल किया माफ
IAS Medicare Hospital की इंसानियत भरी पहल, 11 वर्षीय बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाया; डॉ. युगल किशोर उपाध्याय बोले- चिकित्सा सेवा है, सिर्फ पेशा नहीं
गुरुग्राम। खांडसा रोड स्थित IAS Medicare Hospital ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए गंभीर रूप से बीमार 11 वर्षीय बच्ची के इलाज का करीब डेढ़ से दो लाख रुपये का अस्पताल बिल माफ कर दिया। बच्ची की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने यह निर्णय लिया।
अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. युगल किशोर उपाध्याय ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का माध्यम है। जरूरतमंद मरीज की मदद करना अस्पताल का नैतिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन का प्रयास रहता है कि आर्थिक कठिनाई किसी जरूरतमंद के इलाज में बाधा न बने। बच्ची के परिवार की स्थिति को देखते हुए इलाज का खर्च माफ किया गया, ताकि परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।
अस्पताल के इस मानवीय कदम की क्षेत्र में सराहना हो रही है। इस पहल ने चिकित्सा सेवा में संवेदनशीलता और इंसानियत की अहमियत को एक बार फिर सामने रखा है।
