रक्तदान मानवता और विश्व बंधुत्व का सबसे पवित्र माध्यम - नितिन नबीन
- ओम शांति रिट्रीट सेंटर में 'रक्तदान महा अभियान' का शुभारंभ
- दादी प्रकाशमणि की स्मृति में भारत व नेपाल में आयोजित होगा 5 दिवसीय शिविर
गुरुग्राम, 8 अगस्त 2026
"रक्तदान केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सेवा भाव को जगाने और विश्व बंधुत्व की भावना को सुदृढ़ करने का सबसे पवित्र माध्यम है।" यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शनिवार को भोराकलां स्थित 'ओम शांति रिट्रीट सेंटर' (ORC) के दादी प्रकाशमणि सभागार में कही। वे ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के समाज सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित 'रक्तदान महा अभियान' के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
- युवाओं से नशा मुक्ति संकल्प से जुड़ने का आह्वान
मुख्य अतिथि नितिन नबीन ने कहा कि रक्तदान से व्यक्ति को आत्म-संतुष्टि मिलती है। आज इस अभियान से नई पीढ़ी का जुड़ना एक शुभ संकेत है। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्होंने आह्वान किया कि युवा शक्ति को रक्तदान के साथ-साथ नशामुक्ति के संकल्प से भी जुड़ना होगा। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ज्ञान ही जीवन को सही दिशा देता है और कठिन परिस्थितियों में मन को शांत रखकर बड़े लक्ष्यों को पाने में संस्थान एक प्रेरक स्तंभ की भूमिका निभा रहा है।
- विश्वव्यापी बना भारत का योग
समारोह के दौरान भारतीय संस्कृति और योग के वैश्विक प्रभाव को रेखांकित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि आज भारत की प्राचीन योग पद्धति सरहदों को लांघकर पूरे विश्व में अपनी पहचान बना चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी प्रयासों के कारण ही भारत का योग आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्थापित होकर एक विश्वव्यापी जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
- रक्त के साथ 'मूल्यों का दान' भी आवश्यक - आशा दीदी
अध्यक्षीय संबोधन में ओआरसी की निदेशिका आशा दीदी ने कहा कि रक्तदान के साथ-साथ समाज में नैतिक मूल्यों का दान करना भी उतना ही आवश्यक है। यह परिवर्तन राजयोग और अध्यात्म के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि योग के निरंतर अभ्यास से केवल आत्मा में ही नहीं, बल्कि मनुष्य की प्रवृत्ति और रक्त के कण-कण में सकारात्मक बदलाव आता है।
- अभियान की प्रमुख बातें
पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की स्मृति में यह महाअभियान 21 से 25 अगस्त तक पूरे भारत के साथ-साथ नेपाल में भी आयोजित किया जाएगा। वर्ष 2025 में संस्थान के प्रयासों से रिकॉर्ड 88,500 यूनिट रक्तदान एकत्र किया गया था। समारोह में बीके चांद ने प्रेरणादायी थीम सॉन्ग प्रस्तुत किया, वहीं कलाकारों द्वारा रक्तदान के महत्व पर एक प्रभावी नाटक का मंचन किया गया।
- समारोह में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के समाज सेवा प्रभाग दिल्ली की क्षेत्रीय संयोजिका राजयोगिनी बीके आशा ने उपस्थित जनसमूह को राजयोग का अभ्यास कराकर शांति की अनुभूति कराई। मुंबई से आए बीके ई.वी. गिरीश ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। जबकि माउंट आबू से आए राजयोगी बीके अवतार ने स्वागत वक्तव्य दिया। कार्यक्रम में राजयोगिनी दिव्या प्रभा दीदी, ब्लड मैन ऑफ बिहार' मुकेश हिसारिया, डॉ. मेघा एवं डॉ. प्रमोद कुमार ने भी अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की।
समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव, सोहना विधायक तेजपाल तंवर, जिलाध्यक्ष अजीत सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंच संचालन बीके विधात्री एवं बीके सरिता ने किया, जबकि अंत में माउंट आबू से आए बीके वीरेंद्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

