PM e-Drive पर उद्योग जगत के साथ संवाद और कृषि मशीनरी परीक्षण सुविधा के शुभारंभ के साथ ICAT ने मनाए उत्कृष्टता के 20 वर्ष
मानेसर, 25 सितंबर 2026:
इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (ICAT), मानेसर ने आज भारत के ऑटोमोटिव उद्योग की 20 वर्षों की सेवा की महत्वपूर्ण उपलब्धि का जश्न मनाया। इस अवसर पर वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों, उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों और मीडिया कर्मियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर निम्नलिखित गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही:
- माननीय केंद्रीय मंत्री भारी उद्योग एवं इस्पात श्री एच. डी. कुमारस्वामी
- माननीय भारी उद्योग एवं इस्पात राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा
- डॉ. हनीफ कुरैशी, अपर सचिव, भारी उद्योग मंत्रालय
- श्री प्रेम चंद्र मौर्य, संयुक्त सचिव, भारी उद्योग मंत्रालय
- भारी उद्योग मंत्रालय (MHI), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (MoA&FW), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), विद्युत मंत्रालय (MoP), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) तथा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के वरिष्ठ अधिकारी
- SIAM और ACMA के पूर्व अध्यक्षों के साथ उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि एवं मीडिया प्रतिनिधि
कार्यक्रम में PM e-Drive योजना पर उद्योग जगत के साथ विशेष संवाद आयोजित किया गया। यह भारत में स्वच्छ, टिकाऊ और आत्मनिर्भर मोबिलिटी की दिशा में परिवर्तन को गति देने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परिकल्पित एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ICAT की स्वदेशी कृषि मशीनरी परीक्षण सुविधा का उद्घाटन रहा। यह अपनी तरह की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय और प्रमाणित कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कर किसानों को कृषि आधुनिकीकरण में सहयोग प्रदान करना है। इस नई सुविधा के साथ ICAT का विस्तार एक बहु-क्षेत्रीय परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र के रूप में हुआ है, जो ऑटोमोटिव और कृषि प्रौद्योगिकी के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करेगा।
अपने उद्घाटन संबोधन में ICAT के निदेशक श्री सौरभ दलेला ने कहा कि पिछले दो दशकों में ICAT भारत के ऑटोमोटिव इकोसिस्टम के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभरा है और नवाचार, सुरक्षा तथा सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस अवसर पर भारी उद्योग मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, संबंधित नोडल मंत्रालयों, CMVR परीक्षण एजेंसियों, ICAT के आपूर्तिकर्ताओं, सहयोगियों, भागीदारों, सलाहकारों, NATRiP/NAB के पूर्व CEO, ICAT के पूर्व निदेशकों तथा ICAT के समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अमूल्य योगदान को भी विशेष रूप से स्मरण एवं सम्मानित किया गया, जिनके सामूहिक प्रयासों से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हुई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गणमान्य अतिथियों ने इस बात पर जोर दिया कि ICAT की यात्रा केवल पिछले 20 वर्षों की उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाले भविष्य की दिशा भी निर्धारित करती है। नवाचार, समर्पण और सहयोग के माध्यम से भारत ऑटोमोटिव एवं कृषि प्रौद्योगिकी—दोनों क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
ICAT के 20 वर्षों की यह यात्रा भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता, नवाचार और सतत विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
