भरत मिलाप की मार्मिक लीला ने दर्शकों को किया भावुक, श्रीराम ने किया खर-दूषण का संहार
श्री गुरु द्रोणाचार्य रामलीला क्लब की रामलीला में शूर्पणखा प्रसंग का मंचन, गौसेवा में भी सक्रिय हैं माता सीता की भूमिका निभाने वाले नवीन
गुरुग्राम। श्री गुरु द्रोणाचार्य रामलीला क्लब, गुरुग्राम गांव की रामलीला में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े भरत मिलाप, शूर्पणखा प्रसंग और खर-दूषण वध की लीलाओं का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय और संवादों के माध्यम से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। विशेष रूप से भरत मिलाप की संवेदनशील लीला ने भाई-भाई के प्रेम, त्याग और समर्पण का संदेश दिया।
रामलीला में दिखाया गया कि निषादराज भगवान श्रीराम से मिलने पहुंचते हैं। इसके बाद भरत जी अपनी माताओं और अयोध्या के लोगों के साथ भगवान श्रीराम से मिलने वन की ओर प्रस्थान करते हैं। वन में भरत मिलाप का भावुक प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसमें भरत जी का अपने बड़े भाई श्रीराम के प्रति प्रेम और उन्हें अयोध्या वापस ले जाने की भावना देखने को मिली। इस प्रसंग ने दर्शकों को पारिवारिक प्रेम और मर्यादा का महत्व समझाया। इसके बाद श्रीराम की श्रभंग ऋषि से भेंट का मंचन किया गया।
शूर्पणखा की नाक काटने के बाद हुआ खर-दूषण वध
रामलीला के अगले प्रसंग में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी वन में विचरण कर रहे होते हैं। इसी दौरान राक्षसी शूर्पणखा की नजर श्रीराम और लक्ष्मण पर पड़ती है। वह दोनों को आकर्षित करने और विवाह के लिए लुभाने का प्रयास करती है, लेकिन श्रीराम और लक्ष्मण उसकी बातों में नहीं आते। शूर्पणखा की अनुचित जिद बढ़ने पर लक्ष्मण जी उसकी नाक काट देते हैं।
अपमानित शूर्पणखा खर-दूषण के दरबार में पहुंचकर पूरी घटना बताती है। इससे क्रोधित होकर खर-दूषण अन्य राक्षसों के साथ भगवान श्रीराम से युद्ध करने पहुंचते हैं। युद्ध के दौरान भगवान श्रीराम सभी राक्षसों का संहार कर देते हैं। इस प्रसंग के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।
माता सीता की भूमिका निभाने वाले नवीन करते हैं बीमार गायों की सेवा
रामलीला के डायरेक्टर मनोज सैनी ने बताया कि माता सीता की भूमिका निभाने वाले नवीन अभिनय के साथ-साथ गौसेवा के कार्यों में भी सक्रिय हैं। वे बीमार गायों की सेवा करते हैं और उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराने में सहयोग करते हैं। उनके अनुसार, नवीन को अक्सर बीमार गायों की देखभाल करते हुए देखा जा सकता है।
वहीं, रामलीला क्लब के चेयरमैन महासिंह कटारिया ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामलीला के मंचन के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों के साथ सामाजिक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। रामलीला का उद्देश्य लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, पारिवारिक मूल्यों, त्याग, सेवा और सदाचार से प्रेरित करना है।
