‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान में बुलंद की गई लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज: डॉ. मुकेश शर्मा

 ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान में बुलंद की गई लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज: डॉ. मुकेश शर्मा 


लोकतंत्र में जनता के वोट की विश्वसनीयता सर्वोपरि,निष्पक्ष चुनाव होना जरूरी: डॉ. मुकेश शर्मा  



भाजपा सरकार और चुनाव आयोग चुनावी निष्पक्षता पर उठे सवालों का दें जवाब: डॉ. मुकेश शर्मा


मताधिकार की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी जिम्मेदारी: डॉ. मुकेश शर्मा 


चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा कायम रखना जरूरी, हर सवाल का मिले न्यायसंगत जवाब: डॉ. मुकेश शर्मा 


गुरुग्राम। गुरुग्राम में रविवार शाम कांग्रेस के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत निकाले गए मशाल मार्च में वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. मुकेश शर्मा शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस विशाल मशाल मार्च में लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की आवाज बुलंद की गई। मशाल मार्च में कांग्रेस सभी शीर्ष नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। डॉ. मुकेश शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता के मताधिकार में निहित है और इस अधिकार की रक्षा करना सरकार तथा संवैधानिक संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है। डॉ. मुकेश शर्मा ने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार हैं।

 चुनाव प्रक्रिया को लेकर जब भी कोई गंभीर सवाल उठता है, तो उसका समाधान तथ्यों, पारदर्शिता और जिम्मेदार जवाबदेही के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार, चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से मांग की कि चुनावी निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर स्पष्ट, तर्कसंगत और तथ्यपरक जवाब दिया जाए, ताकि मतदाताओं के मन में किसी प्रकार का संशय न रहे।डॉ मुकेश शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में केवल चुनाव कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया का निष्पक्ष होना और आम नागरिकों का उस पर विश्वास कायम रहना भी उतना ही आवश्यक है। प्रत्येक मतदाता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है, उसकी आवाज का सम्मान किया जाता है। डॉ. मुकेश शर्मा ने कहा कि मताधिकार नागरिकों को संविधान से प्राप्त एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार है। इसकी गरिमा बनाए रखने के लिए चुनाव से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। सवाल उठे हैं और प्रमाण मिले हैं तो चुनाव आयोग और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और सवाल उठाना नागरिकों तथा राजनीतिक दलों का अधिकार है।

 चुनावी प्रक्रिया देश के लोकतांत्रिक भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए इन सवालों का उत्तर देना संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी का हिस्सा है। डॉ मुकेश शर्मा ने कहा कि मशाल जुलूस में हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद राज बब्बर और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के माध्यम से मताधिकार की सुरक्षा, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। डॉ. मुकेश शर्मा ने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र की पहचान केवल उसकी चुनावी प्रक्रिया से नहीं, बल्कि जनता के उस प्रक्रिया पर अटूट विश्वास से होती है। इसलिए जरूरी है कि चुनावी निष्पक्षता से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाए और उनका संतोषजनक समाधान किया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक का लोकतंत्र और उसकी संस्थाओं पर भरोसा बना रहे।

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