राष्ट्रीय पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप में रेवांश अदलखा ने जीते तीन स्वर्ण पदक

 राष्ट्रीय पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप में रेवांश अदलखा ने जीते तीन स्वर्ण पदक



गुरुग्राम, 10 जून 2026।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 8 से 10 जून 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप में गुरुग्राम के प्रतिभाशाली तैराक रेवांश अदलखा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। रेवांश की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गुरुग्राम, हरियाणा और देश का नाम गौरवान्वित हुआ है।


रेवांश अदलखा ने प्रतियोगिता की विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 50 मीटर फ्रीस्टाइल, 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक तथा 50 मीटर बैकस्ट्रोक में स्वर्ण पदक हासिल किए। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता को खेल जगत में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।



रेवांश की इस कामयाबी के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन, समर्पण और मजबूत इच्छाशक्ति का बड़ा योगदान है। उनके प्रशिक्षकों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों ने भी निरंतर प्रेरणा और मार्गदर्शन देकर उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


रेवांश का मानना है कि विशेष बच्चों को समाज में दिव्यांग नहीं बल्कि “स्पेशल चाइल्ड” के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर यह साबित कर दिया है कि शारीरिक चुनौतियां कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं।


अपनी सफलता पर रेवांश ने कहा—

“मंज़िल उसी को मिलती है जिसके सपनों में जान होती है,

पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।”


रेवांश अदलखा आज उन सभी विशेष बच्चों और उनके परिवारों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखते हैं।


रेवांश ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, कोचों, परिवारजनों और शुभचिंतकों को दिया है। विशेष रूप से उनके पिता श्री प्रदीप अदलखा, माता श्रीमती सपना अदलखा, दादाजी श्री मदन लाल अदलखा एवं दादी जी के स्नेह, प्रेरणा और सहयोग को उन्होंने अपनी सफलता का आधार बताया।


रेवांश अदलखा की यह उपलब्धि हरियाणा और देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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