भारत जापान समझौते से हरियाणा को मिलेगा नया ग्रोथ इंजन : दीपक मैनी

 भारत जापान समझौते से हरियाणा को मिलेगा नया ग्रोथ इंजन : दीपक मैनी 


-10 ट्रिलियन येन निवेश लक्ष्य से उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा


-गुरुग्राम में ऑटो, एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई टेक मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी नई रफ्तार


-पीएफटीआई चेयरमैन दीपक मैनी बोले, जापानी निवेश का सबसे बड़ा लाभ हरियाणा को मिल सकता है



गुरुग्राम: भारत और जापान के बीच हुए नए रणनीतिक और व्यापारिक समझौतों का असर पूरे देश के साथ हरियाणा और खासकर गुड़गांव पर भी दिखाई देगा। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) के चेयरमैन दीपक मैनी ने कहा कि दोनों देशों ने भारत में 10 ट्रिलियन येन (करीब 68 अरब डॉलर या लगभग 5.8 लाख करोड़ रुपये) के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य तय किया है। वहीं, पिछले एक साल में हुए करीब 120 व्यापारिक समझौतों के जरिए 10 अरब डॉलर (करीब 95 हजार करोड़ रुपये) से अधिक के जापानी निवेश का रास्ता भी साफ हुआ है। इससे हरियाणा के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।


दीपक मैनी ने कहा कि जापान पहले से हरियाणा का प्रमुख निवेशक है। गुरुग्राम, मानेसर, बावल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में जापानी कंपनियां काम कर रही हैं। ऐसे में नए निवेश का सबसे अधिक फायदा हरियाणा को मिलने की संभावना है। इससे ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नए प्रोजेक्ट आएंगे और हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र में हुए नए समझौते गुरुग्राम को भी नई पहचान देंगे। यहां पहले से आईटी, स्टार्टअप, ऑटो और ग्लोबल कंपनियों का मजबूत इकोसिस्टम मौजूद है। जापानी कंपनियों के विस्तार से रिसर्च, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और हाई टेक मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

मैनी ने कहा कि फाइनेंशियल सर्विस एजेंसियों के बीच हुए समझौते से निवेश प्रक्रिया और आसान होगी। इससे विदेशी कंपनियों का भरोसा बढ़ेगा और हरियाणा में नए इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट, सप्लाई चेन, वेयरहाउसिंग और एमएसएमई सेक्टर को भी लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार निवेशकों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज मंजूरी व्यवस्था बनाए रखती है तो आने वाले वर्षों में गुरु ग्राम और हरियाणा जापानी निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बन सकते हैं। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और भारत के वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के लक्ष्य को भी बड़ी ताकत मिलेगी।

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