पद्म विभूषण डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने CogniAble के डॉ. हिमांशु खुराना को 'अवार्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया
नोएडा, प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट एवं कॉग्निएबल (CogniAble) के संस्थापक डॉ. हिमांशु खुराना को पुनर्वास, प्रारंभिक हस्तक्षेप (Early Intervention) तथा समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के द्वितीय स्थापना दिवस समारोह में प्रतिष्ठित अवार्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया। यह सम्मान देश के वरिष्ठ राजनेता, शिक्षाविद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्म विभूषण डॉ. मुरली मनोहर जोशी द्वारा प्रदान किया गया।
"Echoes of Horizon: Every Identity Has a Voice" थीम पर आयोजित इस समारोह में पुनर्वास, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक सेवा से जुड़े देशभर के विशेषज्ञों, चिकित्सकों और समाजसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की क्षमताओं का सम्मान करना, समावेशी समाज को बढ़ावा देना तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
डॉ. हिमांशु खुराना ने तकनीक आधारित पुनर्वास सेवाओं और प्रारंभिक पहचान (Early Screening) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उनके नेतृत्व में कॉग्निएबल ने देशभर में हजारों बच्चों और उनके परिवारों तक पहुँच बनाते हुए प्रारंभिक पहचान, बहुविषयक (Multidisciplinary) हस्तक्षेप, अभिभावक प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण तथा सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।
डॉ. मुरली मनोहर जोशी जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व से यह सम्मान प्राप्त करना डॉ. हिमांशु खुराना के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान पुनर्वास एवं समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण, नवाचार और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
इस अवसर पर डॉ. हिमांशु खुराना ने इस सम्मान को अपनी पूरी टीम, सहयोगी चिकित्सकों, विशेष शिक्षकों, थेरेपिस्ट्स, साझेदार संस्थाओं तथा उन सभी अभिभावकों और बच्चों को समर्पित किया, जिन्होंने कॉग्निएबल की यात्रा पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ पुनर्वास सेवाएँ पहुँचाने तथा प्रत्येक बच्चे को उसकी पूर्ण क्षमता तक पहुँचने में सहयोग देने के लिए प्रेरित करेगा।
यह सम्मान समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा और इस संकल्प को और मजबूत करेगा कि हर बच्चे को समय पर पहचान, उचित हस्तक्षेप और समान अवसर मिलें, ताकि वह सम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन के साथ अपना जीवन जी सके।
